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1. निषेचन
निषेचन महिला यà¥à¤—à¥à¤®à¤• (अंडे) और पà¥à¤°à¥à¤· यà¥à¤—à¥à¤®à¤• (शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥) का मिलन है। चाहे यह सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• रूप से महिला पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के अंदर होता है या मानव शरीर के बाहर पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ तकनीकों की सहायता से, उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ à¤à¤• संरचना है जिसे ज़ीगोट कहा जाता है।
जब à¤à¤• महिला डिंबोतà¥à¤¸à¤°à¥à¤œà¤¨ कर रही होती है तो वह अपनी फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में à¤à¤• अंडा छोड़ती है (या जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मामले में अधिक)। इस समय के दौरान, शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ के अधिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ ढंग से गà¥à¤œà¤°à¤¨à¥‡ की तैयारी में, à¤à¤• महिला का गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ पतला होगा।
योनि के अंदर शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं के सà¥à¤–लन के बाद, विशेष सà¥à¤°à¤¾à¤µ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ के माधà¥à¤¯à¤® से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ टà¥à¤¯à¥‚ब की ओर तैरने में मदद करते हैं जहां निषेचन 24-72 घंटों के à¤à¥€à¤¤à¤° होता है।
निषेचित अंडा या ज़ीगोट तब गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की तरफ बढ़ना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कोशिकाà¤à¤‚ अगले चरण में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ होती हैं, à¤à¤• बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¥¤
निषेचन के साथ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚
à¤à¤¸à¥€ कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हैं जो निषेचन को रोक सकती हैं, लेकिन उन सà¤à¥€ का परिणाम à¤à¤• ही है। कोई चीज शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ और अंडे को à¤à¤• दूसरे तक पहà¥à¤‚चने से रोक रही है।
शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥/अंडे की अनà¥à¤ªà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿: यदि किसी महिला का à¤à¤¨à¥‹à¤µà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ चकà¥à¤° है जहां वह अंडे नहीं छोड़ती है, या à¤à¤œà¥à¤¸à¥à¤ªà¤°à¥à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ या कम शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं की संखà¥à¤¯à¤¾ के कारण कोई शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ अंडे तक नहीं पहà¥à¤‚चता है, तो निषेचन नहीं होगा।
शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ की अंडे तक पहà¥à¤‚चने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾: खराब शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ गतिशीलता या गति, या खराब केमोटैकà¥à¤¸à¤¿à¤¸ (शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं की अंडे की ओर नेविगेट करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾) समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा कर सकती हैं। इसी तरह, अगर किसी महिला का गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ बलगम ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन के दौरान परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पतला नहीं होता है, तो यह शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ को अंडे तक नहीं पहà¥à¤‚चने दे सकता है।
शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ का पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶: खराब आकारिकी, असामानà¥à¤¯ शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ का आकार à¤à¤• अंडे को à¤à¥‡à¤¦à¤¨à¤¾ कठिन बना देता है। शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ à¤à¤• रासायनिक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करता है, जिसे à¤à¤•à¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‹à¤® पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कहा जाता है, जो अंडे में छेद बनाने में मदद करता है। खराब या अधूरी à¤à¤•à¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‹à¤® पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ निषेचन को बाधित कर सकती है।
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2. बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ विकास
निषेचन के तà¥à¤°à¤‚त बाद, à¤à¥à¤°à¥‚ण को कोशिकाओं के à¤à¤• छोटे समूह से बनाया जाता है जो बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ नामक à¤à¤• जटिल संरचना के अंदर लगातार विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ होते रहते हैं। यह कोशिकाओं के दो समूहों, आंतरिक और बाहरी कोशिकाओं और तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से बनता है। बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ ज़ोना पेलà¥à¤¸à¥€à¤¡à¤¾ नामक परिपकà¥à¤µà¤¤à¤¾ के दौरान à¤à¤• सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• आवरण के अंदर रहता है, जिसे अंडे के खोल के रूप में वरà¥à¤£à¤¿à¤¤ किया जा सकता है। बाहरी कोशिकाà¤à¤‚ इस आवरण के ठीक नीचे सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होती हैं, जो गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास का समरà¥à¤¥à¤¨ करने के लिठà¤à¤¾à¤µà¥€ अपरा और आस-पास के ऊतकों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करेंगी। बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ की आंतरिक कोशिकाà¤à¤‚ मानव शरीर के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ ऊतक और अंग बन जाà¤à¤‚गी, जैसे कि हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, मांसपेशियां, तà¥à¤µà¤šà¤¾, यकृत और हृदय।
बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ के à¤à¥€à¤¤à¤° कोशिकाà¤à¤‚ तेजी से बढ़ती हैं, वे कई परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से गà¥à¤œà¤°à¤¤à¥€ हैं और अधिक विशिषà¥à¤Ÿ कोशिकाओं में परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ हो जाती हैं, जिससे संरचना बहà¥à¤¤ तंग हो जाती है। मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ में, ये परिवरà¥à¤¤à¤¨ विकास के पहले कà¥à¤› दिनों के दौरान, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में आरोपण से पहले होते हैं। इस सà¥à¤¤à¤° पर, ज़ोना पेलà¥à¤¸à¥€à¤¡à¤¾ (अंडे के खोल के समान) टूट जाता है और बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ को छोड़ देता है। यह फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब के माधà¥à¤¯à¤® से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की ओर बढ़ता है और दस दिन के आसपास पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤¿à¤¤ होता है।
बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ विकास के साथ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚
बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ शबà¥à¤¦ तब होता है जब कोशिकाà¤à¤‚ à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास की पà¥à¤°à¤—ति को रोकने के लिठविà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ करने में विफल रहती हैं। जबकि बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ के सटीक कारण पूरी तरह से समठमें नहीं आते हैं, वे आमतौर पर शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ या अंडे में आनà¥à¤µà¤‚शिक असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं से संबंधित होते हैं।
3. बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ इमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚टेशन
जब बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ तक पहà¥à¤à¤šà¤¤à¤¾ है तो यह à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤® में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤¿à¤¤ होता है, मà¥à¤¯à¥‚कस मेमà¥à¤¬à¥à¤°à¥‡à¤¨ जो गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को रेखाबदà¥à¤§ करता है। बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ की बाहरी कोशिकाà¤à¤‚ और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की आंतरिक परत, मिलकर à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करेंगी। पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ संरचना है जो बचà¥à¤šà¥‡ को पोषक ततà¥à¤µ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित करती है और उसके अपशिषà¥à¤Ÿ को हटाती है।
पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ के साथ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚
जब à¤à¤• निषेचित अंडा गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤¿à¤¤ करने में सकà¥à¤·à¤® होता है, लेकिन विकसित होने में विफल रहता है, तो इसे à¤à¤• खाली गरà¥à¤à¤•ालीन थैली या "उगà¥à¤° डिंब" के रूप में वरà¥à¤£à¤¿à¤¤ किया जा सकता है। यह अकà¥à¤¸à¤° शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥, डिंब या निषेचित अंडे या कोशिका विà¤à¤¾à¤œà¤¨ के गà¥à¤£à¤¸à¥‚तà¥à¤°à¥‹à¤‚ में असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के कारण होता है। यह घटना गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में हो सकती है।
कà¤à¥€-कà¤à¥€, à¤à¤• निषेचित अंडा गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤¿à¤¤ नहीं होता है। वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ हैं कि आरोपण की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ से पहले à¤à¥à¤°à¥‚ण के चयन के लिठà¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤® जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° है। इस तंतà¥à¤° के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प अंततः सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥à¤°à¥‚णों का आरोपण होता है या असामानà¥à¤¯ à¤à¥à¤°à¥‚णों की असà¥à¤µà¥€à¤•ृति होती है। कà¥à¤› मानव à¤à¥à¤°à¥‚णों के जीन में परिवरà¥à¤¤à¤¨ होते हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उतà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤µà¤°à¥à¤¤à¤¨ कहा जाता है जो सामानà¥à¤¯ विकास में देरी या बाधा डाल सकता है। ये दà¥à¤°à¥à¤¬à¤²à¤¤à¤¾à¤à¤ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक आरोपण के लिठअनà¥à¤ªà¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ बनाती हैं और गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बढ़ा देती हैं।
4. à¤à¥à¤°à¥‚ण विकास
चूंकि बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की आंतरिक परत में आरोपण पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के अंतिम चरण में पहà¥à¤‚चता है, यह à¤à¥à¤°à¥‚ण नामक संरचना में विकसित होता है। यह वह समय है जब आंतरिक अंग और बाहरी संरचनाà¤à¤‚ विकसित होती हैं। मà¥à¤‚ह, निचला जबड़ा, गला उà¤à¤° रहा होता है, जबकि रकà¥à¤¤ संचार पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ अपना विकास शà¥à¤°à¥‚ कर देती है और à¤à¤• हृदय नली बन जाती है। कान उठते हैं और हाथ, पैर, उंगलियां, पैर की उंगलियां और आंखें आकार लेती हैं। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ पहले ही बन चà¥à¤•ी होती है, जबकि पाचन तंतà¥à¤° और संवेदी अंग अपना विकास शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं। पहली हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤ उपासà¥à¤¥à¤¿ की जगह ले रही हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दस-बारह सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद, à¤à¥à¤°à¥‚ण विकास के अंतिम चरण, à¤à¥à¤°à¥‚ण में चला जाता है।
à¤à¥à¤°à¥‚ण विकास के साथ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚
à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास के साथ गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पहले 3 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में ही हो सकती हैं।
इतने सारे आंतरिक अंग पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और बाहरी संरचनाओं के साथ à¤à¥à¤°à¥‚ण में विशेषजà¥à¤žà¤¤à¤¾ और विकास शà¥à¤°à¥‚ हो रहा है, विकासशील जीव आनà¥à¤µà¤‚शिक असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ जोखिमों से होने वाली कà¥à¤·à¤¤à¤¿ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ विशेष रूप से संवेदनशील है। ये आनà¥à¤µà¤‚शिक असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤à¤‚ सहज आनà¥à¤µà¤‚शिक उतà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤µà¤°à¥à¤¤à¤¨ से लेकर अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ गà¥à¤£à¤¸à¥‚तà¥à¤° वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ तक हो सकती हैं जो संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ रूप से हृदय या मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• जैसी महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ संरचनाओं के विकास को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती हैं।
आनà¥à¤µà¤‚शिक असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं के साथ-साथ, किसी à¤à¥€ संखà¥à¤¯à¤¾ में परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ कारक (कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£, संकà¥à¤°à¤®à¤£, रोग, विषाकà¥à¤¤ जोखिम) आनà¥à¤µà¤‚शिक अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाल सकते हैं जो संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ रूप से विकासशील à¤à¥à¤°à¥‚ण के लिठघातक साबित हो सकते हैं।
5. à¤à¥à¤°à¥‚ण विकास
निषेचन के बारहवें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक à¤à¥à¤°à¥‚ण विकास के अंतिम चरण में चला जाता है जिसे à¤à¥à¤°à¥‚ण चरण कहा जाता है। अब तक, à¤à¥à¤°à¥‚ण ने बचà¥à¤šà¥‡ के लिठआवशà¥à¤¯à¤• सà¤à¥€ अंगों और संरचनाओं का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ कर लिया है, लेकिन उन अंगों को अà¤à¥€ à¤à¥€ बढ़ने और विकसित होने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीन महीनों में, à¤à¥à¤°à¥‚ण के ऊपरी और निचले छोर पूरी तरह से विकसित हो जाते हैं। कान और दांत बनते हैं और पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंग विकसित होते हैं। इस माह के अंत में à¤à¥à¤°à¥‚ण ने अधिकांश परिसंचरण और मूतà¥à¤° पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का विसà¥à¤¤à¤¾à¤° पूरा कर लिया है और इसकी लंबाई लगà¤à¤— 5 इंच है।
छह महीने में, à¤à¥à¤°à¥‚ण धà¥à¤µà¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का जवाब दे सकता है और लगà¤à¤— 12 इंच लंबा होता है। à¤à¥à¤°à¥‚ण विकसित होता रहता है और बदलती सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और धà¥à¤µà¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾à¤“ं का जवाब देता है। छोटे शरीर की लंबाई 14 इंच तक पहà¥à¤‚च सकती है।
à¤à¥à¤°à¥‚ण आठवें महीने में बचà¥à¤šà¤¾ बन जाता है। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• तेजी से विकसित हो रहा है ताकि बचà¥à¤šà¤¾ देख और सà¥à¤¨ सके, हालांकि शà¥à¤µà¤¸à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को परिपकà¥à¤µà¤¤à¤¾ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। बचà¥à¤šà¥‡ का वजन लगà¤à¤— 5 पाउंड हो सकता है। 9 महीने में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अंत के करीब, बचà¥à¤šà¤¾ उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾à¤“ं का जवाब देता है, पूरे शरीर को सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित कर सकता है लेकिन नठइंसान के आस-पास की जगह बहà¥à¤¤ तंग हो रही है।
यदि बचà¥à¤šà¥‡ ने गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर अपनी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ नहीं बदली है, तो दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का सामना करने के लिठजनà¥à¤® नहर की ओर शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ में नीचे उतरने का यह सही समय है।
à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास के साथ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¥à¤°à¥‚ण में सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– संरचनाà¤à¤‚ पहले से ही बन चà¥à¤•ी होती हैं, à¤à¥à¤°à¥‚ण परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ के जोखिम से होने वाले नà¥à¤•सान के लिठà¤à¥à¤°à¥‚ण जितना संवेदनशील नहीं होता है। यही कारण है कि पहली तिमाही के बाद गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बहà¥à¤¤ कम होती है। हालांकि, जहरीले परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ जोखिम शारीरिक असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं या मामूली जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ विकृतियों में योगदान कर सकते हैं।
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